कामायनी हिंदी भाषा का एक महाकाव्य है जिसकी रचना हिंदी साहित्य के महान लेखक जयशंकर प्रसाद द्वारा की गई थी। इस पुस्तक को छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि महाकाव्य माना गया है। इस महाकाव्य में चिंता से प्रारंभ कर आनंद तक 15 सर्गों के मानव मन की विविध अंतर्वृत्तियों का क्रमिक उन्मोलन इस कौशल से किया गया है कि मानव सृष्टि के आदि से अब तक के जीवन के मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक विकास का इतिहास भी स्पष्ट हो जाता है।