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Kirjailija

Sunetra Choudhury

Kirjat ja teokset yhdessä paikassa: 5 kirjaa, julkaisuja vuosilta 2017–2025, suosituimpiin kuuluu Behind Bars: Prison Tales of India's Most Famous (Telugu). Vertaile teosten hintoja ja tarkista saatavuus suomalaisista kirjakaupoista.

5 kirjaa

Kirjojen julkaisuvuodet: 2017–2025.

Behind Bars

Behind Bars

Sunetra Choudhury

MANJUL PUBLISHING HOUSE PVT LTD
2018
nidottu
गजाआडच्या गोष्टी पुस्तकाविषयी - कधी थरकाप उडवणारं, कधी थक्क करणारं, कधी मनात संतापाची तीव्र लाट उसळणारं तर कधी करुणाभाव निर्माण करणारं . 'गजाआडच्या गोष्टी ' हे पुस्तक म्हणजे वाचकाला खिळवून ठेवणाऱ्या कथांची मालिका 'व्ही.आय.पी.' व्यक्तीच कसं असतं, याची एक झलक आपल्याला यातून मिळते. भारतातल्या वलयांकित कैद्यांचं गजाआडचं आयुष्य नेमकं कसं असतं, याची एक झलक आपल्याला यातून मिळते. भारतातल्या वलयांकित कैद्यांचं गजाआडचं आयुष्य नेमकं कसं असतं ? तुरुंगात त्यांना खरंच कष्टप्रद आयुष्य कंठावं लागतं की पैशाच्या, सत्तेच्या जोरावर पंचतारांकित सुखं उपभोगता येतात ? नेमकं काय घडतं त्या अंधाऱ्या कोठडीत? भारतातल्या अनेक कुप्रसिद्ध तुरुंगांची हवा खाऊन आलेल्या काही प्रसिद्ध व्यक्तींच्या समोरासमोर घेतलेल्या मुलाखतींमधून उलगडत जाणाऱ्या या 'गजाआडच्या गोष्टी' पहिल्यांदाच वाचकांसाठी उपलब्ध झाल्या आहेत.
Salakhon Ke Peeche

Salakhon Ke Peeche

Sunetra Choudhury

MANJUL PUBLISHING HOUSE PVT LTD
2017
nidottu
यह पुस्तक अनिवार्य रूप से पढ़ी जनि चाहिए, क्योंकि यह उन क़ैदियों की ज़िन्दगी के अंतरंग में झाँकने का मौका देती है जो जेल की कोठरी में बैठे कई दिनों या महीनों तक किसी सार्थक मानवीय संवाद की प्रतीक्षा करते रहते हैं रेबेका जॉन आरुषि तलवार प्रकरण की वकील लोग कहते हैं कि जेल सबको बराबरी पर ला देने वाली हो सकती है - लेकिन क्या ये बात उस स्थिति में लागू होती है जब आप किसी हिंदुस्तानी जेल में वी.आई.पी. कैदी हों? शायद नहीं 'अगर आप 1000 रुपय चुरा लें तो हवलदार मार-मार कर आपकी हालत ख़राब कर देगा और आपको ऐसी कालकोठरी में बंद कर देगा जिसमें न बल्ब होगा न खिड़की लेकिन अगर आप 55, 000 करोड़ रुपय कि चोरी करते हैं तो आपको 40 फ़ीट के कक्ष में रखा जाएगा जिसमें चार खंड होंगे - इंटरनेट, फ़ैक्स, मोबाइल फ़ोन और दस लोगों का स्टाफ़, जो आपके जूते साफ़ करेगा और आपका खाना पकाएगा हिंदुस्तान के कुछ बेहद जाने-माने क़ैदियों के विस्तृत प्रत्यक्ष साक्षात्कारों पर आधारित इस पुस्तक में पुरुस्कार प्राप्त पत्रकार सुनेत्रा चौधरी जेल के वी.आई.पी. जीवन में झाँकने का एक अवसर उपलब्ध कराती हैं पीटर मुखर्जी अपनी 4 x 4 की कोठरी में की करते हैं? दून स्कूल के 70 वर्षीया भूतपूर्व छात्र, जिन्होंने 7 साल से ज़्यादा जेल में बिताये हैं, वे किस तरह लगातार अपीलें करते हुए अपना केस लड़ने का संकल्प क़ायम रखे हुए हैं? अमर सिंह से उन दुर्भाग्यपूर्ण दिनों में कौन-कौन मिलने आया, जिसने इस बात को तय किया कि उनके भावी दोस्त और सहयोगी कौन होंगे?हिंदुस्तान के जाने-माने क़ैदी पहली बार अपने किस्से सुना रहे हैं - 'ब्लेडबाज़ों' से लेकर यातना-कक्षों तक, एयर कंडीशनरों से युक्त जेल की कोठरियों से लेकर पांच सितारा होटलों से आने वाले भोजन तक, गुदगुदे बिस्तरों से लेकर प्राइवेट पार्टियों तक के क़िस्से - और यह भी कि वे किस तरह जेल या तथाकथ